Kisan Rail Yojana | किसान रेल योजना 2020 | ऑनलाइन बुकिंग, रजिस्ट्रेशन | पांच माह के अंदर चली 100वीं किसान रेल

Kisan Rail Yojana | किसान रेल योजना ऑनलाइन | Kisan Rail Yojana Online | किसान रेल योजना ट्रैन लिस्ट | Kisan Rail Yojana रजिस्ट्रेशन | पांच माह के अंदर चली 100वीं किसान रेल, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने साल 2020 में ही 7 अगस्त को किसान रेल योजना की शुरुआत की थी जिसकी घोषणा केंद्र सरकार द्वारा फरवरी में पेश होने वाले बजट में ही कर दी गई थी. उसके बाद से केवल पांच माह के अंदर ही अब 100वीं किसान रेल आज रवाना हुई. यह योजना भारतीय  रेल और केंद्र सरकार मिलकर चला रहे है इस योजना के अंतर्गत किसानो के लिए रेलगाड़िया चलायी जाएगी जिसमे सब्जी, फल या अन्य कृषि उत्पाद जो जल्दी ही खराब हो जाते हैं उनको किसान रेल सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य स्थान अथवा मंडियों में जल्द से जल्द पहुंचाया जायेगा जिससे फलो और सब्जिओ को बचाया जायेगा |

Kisan Rail Yojana की शुरुआत सब्जी फल इत्यादि के आवागमन में किसानों को राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है किसान रेल का मुख्य काम सब्जी ,फल इत्यादि जो अधिक समय होने पर खराब हो जाते हैं उन्हें निश्चित समय के भीतर गंतव्य स्थान यानी मंडियों तक पहुंचाने का रहेगा ।

इस योजना के अंतर्गत  सरकार किसानो को 50% सब्सिडी देगी जिससे उनका पैसा भी बचेगा और अच्छा मुनाफा भी होगा | किसानों के लिए बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन में, अधिसूचित फल और सब्जियों के किसान रेल माल परिवहन में 50% तक की सब्सिडी हैफल जैसे – आम, केला, अमरूद, कीवी, लीची, पपीता, मौसम्बी, संतरा, किनवा, चूना, नींबू, अनानास, अनार, कटहल, सेब, बादाम, आंवला, जुनून फल और नाशपाती के फल उत्पादकों को फायदा होगा |सब्जियों जैसे – फ्रेंच बीन्स, बीटर लौकी, बैंगन, शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, मिर्च (हरा), ओकरा, ककड़ी, मटर, लहसुन, प्याज, आलू और टमाटर को तुरंत प्रभाव से लाभ प्राप्त करने के लिए।

योजना का नाम किसान रेल योजना
द्वारा लॉन्च किया गया  केंद्र सरकार
लाभार्थी देश के किसान
उद्देश्य किसानो की सब्जी और फल जैसी वास्तु मंडी तक पहुंचाने के लिए ट्रैन की सुविधा प्रदान करना
आवेदन की प्रक्रिया अभी सरकार के तरफ से कोई जानकारी नहीं

Kisan Rail yojana  2020 के मुख्य उद्देश्य

  • किसान रेल योजना के तहत किसानो की फसलों जैसे अनाज , फल , सब्जिया आदि को समय से सुरक्षित ट्रैन के माध्यम से मंडी ,बाजार तक पंहुचा सकते है।
  • किसान रेल एक तरह की स्पेशल पार्सन ट्रेन होगी जिसमे अनाज, फल और सब्जियों को लाने ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • केंद्र सरकार ने इस योजना के माध्यम से वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।
  • इस योजना के तहत शीत भंडारण (Cold Storage) के साथ किसान उपज के परिवहन की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी।
  • स्टोरेज से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हो या फिर खेती उत्पादों में वैल्यू एडिशन से जुड़े प्रोसेसिंग उद्योग जोड़े जायेंगे |
  • पहली किसान रेल रूट पर पड़ने वाले चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार को इस किसान रेल का फायदा होगा।
  • सब्जियों, फलों, मांस, मछली और दूध जैसे जल्दी खराब होने उत्पादन जल्दी पोह्चय जायेगे |

किसान ट्रैन का रूट

  • पहली किसान रेल, देवलाली (नासिक, महाराष्ट्र) से दानापुर (पटना, बिहार) तक का उद्घाटन 07.08.2020 को साप्ताहिक ट्रेन के रूप में किया गया। इसके बाद लोकप्रिय मांग पर ट्रेन को मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार) तक बढ़ा दिया गया, और इसे साप्ताहिक भी कर दिया गया। इसके अलावा, सांगला और पुणे से लिंक कोच भी शुरू किए गए हैं जो मनमाड में इस किसान रेल से जुड़ते हैं।
  • दूसरी किसान रेल – अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से आदर्श नगर दिल्ली तक – का उद्घाटन 09.09.2020 को एक साप्ताहिक ट्रेन के रूप में किया गया था।
  • तीसरी किसान रेल – बेंगलुरु (कर्नाटक) से हज़रत निजामुद्दीन (दिल्ली) तक – का उद्घाटन 09.09.2020 को साप्ताहिक ट्रेन के रूप में किया गया।
  • चौथा किसान रेल – नागपुर और वारुद ऑरेंज सिटी (महाराष्ट्र) से आदर्श नगर दिल्ली तक – उद्घाटन की तारीख, यानी 14.10.2020 को शुरू करने की योजना है।
  • 100वीं किसान रेल महाराष्ट्र के सांगोला से पश्चिम बंगाल के शालिमार तक चलेगी जिसमे संगोला के अनार, नागपुर के संतरे तथा जेउर, बेलवंडी, कोपरगांव के खरबूजा पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर तक पहुंचेंगे |

किसान रेल का प्रति टन किराया

Kisan Rail Yojana के तहत सब्जी, फल, दूध इत्यादि को लाने या ले जाने के लिए किसानों को वस्तुओं के वजन के हिसाब से मूल्य चुकाना होगा किसानों को इस योजना के तहत कृषि फसल में प्रति टन के हिसाब से किराया देना होगा ।

  • खंडवा से दानापुर- Rs 3148/- प्रति टन
  • बुरहानपुर से दानापुर- Rs 3323/- प्रति टन
  • भुसावल से दानापुर- Rs 3459/- प्रति टन
  • जलगांव से दानापुर- Rs 3513/- प्रति टन
  • मनमाड से दानापुर- Rs 3849/- प्रति टन
  • नासिक रोड से दानापुर- Rs 4001/- प्रति टन
  • देवलाली से दानापुर- Rs 4001/- प्रति टन

किसान रेल योजना 2020 का आगे का उद्देश्य

  • सरकार भंडारण कि आधुनिक व्यवस्था पर, सप्लाई चैन के आधुनिकीकरण पर, करोड़ों के निवेश की नई पहल भी कर रही है.
  • दूसरे राज्यों में भी अपनी फसलें बेचने के लिए  किसान रेल और कृषि उड़ान की बड़ी भूमिका रहेगी |
  • किसान रेल चलता फिरता कोल्ड स्टोरेज है जिसमे जल्दी खराब होने वाली चीजें पूरी तरह सुरक्षित है |
  • इसका फायदा स्थानीय छोटे-छोटे व्यापारी को होगास जो किसान से ज्यादा दाम में माल खरीदकर किसान रेल के ज़रिए दूसरे राज्यों में बेच सकते हैं |
  • PM कृषि संपदा योजना के तहत मेगा फूड पार्क्स, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, ऐसे करीब साढ़े 6 हजार प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं |

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